Skip to main content

Posts

नीट का पेपर कैसा होता है | नीट एग्जाम सिलेबस | नीट की तैयारी के लिए बुक

 नीट का पेपर कैसा होता है  उससे संबन्धित  जानकारी  इस पोस्ट में हम  जानेंगे  नीट का पेपर कैसा होता है  और  नीट एग्जाम सिलेबस क्या है   नीट की तैयारी के लिए बुक कौन  सही है। नीट एग्जाम में कितना समय मिलता है  कितना Qus neet  होता है Qus किस टाइप के होते है कितने भाषा में नीट एग्जाम होता है  क्या नीट साल में एक ही बार होता है इन सभी की जानकारी स्टेप बाई स्टेप दिया जायेगा।  नीट का पेपर कैसा होता है  नीट का पेपर कैसा होता है ये जनन बहुत जरुरी है होता है जो स्टूडेंट नीट एग्जाम देने की सोचता है क्यों की जब तक उसको ये नहीं पता  रहेगा की किस टाइप के Qus पूछे जाते है तो वह सही तरिके से तैयारी नहीं कर पायेगा। तो चलिये जानते है किस टाइप के Qus neet एग्जाम में पूछे जाते है।  नीट के पेपर में 180 Qus  होते है जिनमे biology  physics  और chemistry  के प्रश्न होते है। इनमे biology के 90 Qus होते है  और physics के 45 प्रश्न होते है एवं chemistory  में 45 Qus होते है  ये सभी Qus बहुविकल्पी होते है इनमे चार ऑप्सन दिए जाते है सही ऑप्सन पर ट्रिक लगाना  होता है। नीट एग्जाम में पेन और पेज एग्जाम हाल में ही म

neet full form | neet ki taiyari kaise kare

 neet full form और उससे जुड़ी जानकारी  neet full form , neet का एग्जाम कब से  सुरु हुआ neet से पहले कौन सा एग्जाम नीट के स्थान  पर होता था। क्या neet के बिना mbbs ,bams ,bds bhms bums नहीं बना जा सकता। neet जुडी जानकारी आप सबको इस पोस्ट के जरिये दिया जायेगा। neet full form neet ka full form --   national eligibility cum entrance test है।  neet exam kb se suru hua hai neet का एग्जाम सबसे पहले 2016 में लागू किया गया था।  जैसा की neet full form से पता चलता है यह एग्जाम पुरे इंडिया यानि हर प्रदेश लागु किया गया। neet से पहले aipmt होता था यह भी आल इंडिया लेवल का एग्जाम था  NEET से पहले हर प्रदेश अपना अलग -अलग एग्जाम होता था जिससे स्टूडेंट के काफी पैसे लग जाते थे फॉर्म भरने में और एग्जाम काफी बार देना रहता था। neet में केवल एक फॉर्म भरके rank के हिसाब से  mbbs ,bds ,bams bums bhms में दाखिला ले सकते है। neet एग्जाम के बिना mbbs bds bams bums ,bhms  में दाखिला नहीं ले सकते।  neet exam कितने भाषा में होता है जैसा की neet full form से पता चलता की यह national लेवल का एग्जाम है यानि हर प्रदेश मे

medical courses after 12th without neet

medical courses after 12th without neet medical courses after 12th without neet के बारे में कुछ कोर्स बताया जायेगा जिनको करके आप अपना बेहतर करियर बना सकेंगे। नीट के बिना तो डॉक्टर नहीं बना जा सकता लेकिन उससे निचे के पोस्ट कर कार्य करके अपना बेहतर करिया बना सकते हो।  मेडिकल कोर्स एक ऐसा कोर्स है जिसमे आप अपना इनकाम भी कर सकोगे  साथ ही साथ लोगो की दुआये भी मिलेगी।  medical courses after 12th without neet list  B.sc nursing B.sc dialysis B.sc optometry B.sc MLT B.sc x-ray technology B.sc rediography B.sc critical care technology B.sc Anesthesiya technology B.sc operetion theater technology B.sc medical imaging technology B.sc Ophthalemic technology B Pharma diploma in phisiotherapy diploma in dialysis technology diploma in medical laboretory thechnology diploma in anesthisiya  diploma in medical  imaging thechnology diploma in emergency and trauma care technician diploma in ot technichian diploma in rural health care diploma in dental hygiene diploma in D Pharma  diploma in radiography di

neet previous year question paper solve करने के फायदे

  neet previous year question paper solve करने के फायदे neet previous year question paper  solve करने के बहुत से फयदे होते है। इससे हमे यह पता चलता है की किस तरह के question neet में पूछे जाते है और क्या हमे जो पढ़ाया जा रहा है उस लेवल का है की नहीं हम जो पढ़ रहे है उसमे से question फस रहे है की नहीं ये जानना बहुत जरुरी है क्यों की नीट कोई छोटा एग्जाम नहीं है। neet previous year question paper  के लिए  Click here नीट में हर साल कम्पीटि श न बढ़ता जा रहा है। इस लिए  neet previous year question paper  को जरूर दिमाग में रखे की किस टाइप के question आते है और हम क्या इस लेवल की तैयारी कर रहे है और जो लोग पहली बार नीट एग्जाम देनी की तैयारी कर रहे है उनके लिए ये बहुत जरूरी है क्यों की उन्हे तो कुछ भी नहीं पता होता की कैसे question आते है। neet previous year question paper solve करने का मतलब ये नहीं है की इन्ही मेसे question आयेंगे ये गलती कभी मत करना। इस question को slove करने से हमे idia मिलता है की इस तरह के question आते है। बहुत से बच्चे जो पहली साल तैयारी करते है ये बहुत बड़ा गलती करते है que

typhoid bukhar and uske lakshan

typhoid bukhar कैसे होता है इसकी पूरी जानकारी - typhoid bukhar क्या है कैसे होता है  इससे कैसे बचे इस बैक्टेरिया का नाम क्या है इसका लक्ष्रण क्या है इसका टेस्ट क्या होता  है इन सभी  जानकारी स्टेप बाई स्टेप आप को दिया जायेगा।  typhoid bukhar  typhoid bukhar रोग जीवाणु द्वारा आँत के संक्रमण के कारण होता है यह जीवाणु आँत की दीवार को क्षतिग्रस्त करता है जिससे लगातार typhoid bukhar आने लगता है नब्ज धीमी हो जाती है तथा शरीर पर गुलाबी रोग के चक्क्ते बन जाते है तथा रोगी को मूर्छा रहती है। यह दो से तीन सप्ताह तक रहता है कभी कभी और भी दिन लग सकता है अस्थमज्ज पिलिहा पित्ताशय आदि के संक्रमित होने पर इसके दुबारा होने की सम्भावना रहता है।   टाइफाइड बुखार कैसे होता है typhoid bukhar के दवरान रोगी के मल मूत्र के साथ इस रोग के जीवाणु शरीर से बहार निकलते है जो मक्खियों द्वारा पिने के पानी तथा खाने के वस्तुओ में पहुँच जाते है। दूषित पानी व् आहार लेने से अन्य व्यक्ति में यह रोग फैल जाता है।   typhoid bukhar के उपचार एवं  टेस्ट  typhoid bukhar   के उपचार के लिए कुछ एंटीबायोटिक दवाइयों का प्रयोग किया जात

malaria kaise hota hai | malaria ke lakshan

 मलेरिया रोग कैसे होता है और मलेरिया के लक्षण क्या है - मलेरिया रोग  एककोशिकीय परजीवी प्रोटोजोआन प्लाज्मोडियम द्वारा होता है। मलेरिया रोग में रोगी को कपकपी एवं ठण्ड लगने के साथ तेज बुखार चढ़ता है जो कुछ समय के बाद पसीने आने के साथ कम हो जाता है मलेरिया रोग   होने से रोगी को तेज बुखार सिर दर्द और उल्टी महसूस होता है।  बुखार के समय रोगी के रुधिर का स्लाइड का निरक्षण  करने पर रोग का पता चलता है।  मलेरिया रोग कैसे फैलता है- मलेरिया रोग  मादा एनाफिलीज मछर के काटने से फैलता यह रोग एक व्यक्ति से से दूसरे व्यक्ति में मछर के काटने से फैलता है मछर अधिकतर दलदली व् जहाँ पानी का जमाव अधिक होता है इन्ही इलाको में ये अधिक होते है अतः मलेरिया भी इन्ही क्षेत्र में अधिक होता है।  जब मादा एनाफिलीज मछर किसी व्यक्ति को काटता है तो उसके रुधिर में मलेरिया पैदा करने वाले परजीवी को छोड़ देता है यह परजीवी मनुष्य के रुधिर में पहुँचता है और  रुधिर में पहुंचने के बाद लाल रुधिरत कणिकाओं तथा यकृत कोशिकाओं को  नष्ट करता है बड़ी संख्या में rbc के नष्ट होने से  हीमोजॅाइन   नामक विशैला पदार्थ बनता है जिसके कारण कपकपी ह

डेंगू बुखार

डेंगू बुखार    डेंगू बुखार   के viruses को aedes मच्छरों की मादाएँ फैलती है। यह सभी tropical देशों में ,परन्तु मुख्यतः दक्षिणी -पूर्वी एशिया ,अफ्रीका तथा अमेरिका के दक्षिणी एवं मध्य भागो में पाया जाता है।  डेंगू बुखार के लक्षण डेंगू बुखार  बीमारी में रोगी में Fever ,headache पेशियों में दर्द से पीड़ित रहता है  पेशियों और हड्डियों में इतनी पीड़ा होता है कि इसे सामान्यतः breakbone fever कहते है।  डेंगू बुखार के उपचार डेंगू बुखार होने की स्थति में मरीज किसी अच्छे डॉक्टर के सलाह ले कर नियमित तरह से इलाज करा कर  इस बीमारी से छुटकारा पा सकते है।  डेंगू मच्छर कब काटता है डेंगू मच्छर अधिकतर बरसात के मौसम(जुलाई से अक्टूबर) में आधिक देकने को मिलते है। और इनकी संख्या इस समय काफी बढ़ जाती है। ये कीचड़ व् जहाँ पानी इकट्ठा रहता है  वही से ये पैदा होते है और जब ये कसी  व्यक्ति को काटते है तो उसमे डेंगू के वाइरस छोड़ देते है जिससे व्यक्ति को   डेंगू बुखार हो जाता  है   डेंगू बुखार से बचने के उपाय डेंगू बुखार से बचने के लिए अपने आसपास के गड्डे जहाँ पानी रुकता है उसे बराबर कर दे ताकी पानी न जमा हो।  नालिय